मनुष्य का बुरा समय
** रहिमन चुप हो बैठिये, देखि दिनन के फेर।** ** जब नीके दिन आई हैं, बनत न लगि हैं देर।** रहीम जी कहते हैं जब मनुष्य का बुरा समय आता है, तो सभी लोग आप का मजाक उड़ाना शुरू कर देते हैं, उसे दूरी बनाने लगते हैं, आपकी कोई मदद के लिए जल्दी तैयार नहीं होते हैं। ऐसे समय में रहीम जी कहते हैं कि जब बुरे दिन आए तो चुप ही बैठना चाहिए, क्योंकि जब अच्छे दिन आते हैं तब बात बनते देर नही लगती। इस दोहे से हमे यह सीखना चाहिए की हमारी चाहे स्थिति जैसी भी हो हमे कभी भी किसी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए ...
